Imam Abu Dawud : 81
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْأَرْقَمِأَنَّهُ خَرَجَ حَاجًّا أَوْ مُعْتَمِرًا وَمَعَهُ النَّاسُ وَهُوَ يَؤُمُّهُمْ فَلَمَّا كَانَ ذَاتَ يَوْمٍ أَقَامَ الصَّلَاةَ صَلَاةَ الصُّبْحِ ثُمَّ قَالَ لِيَتَقَدَّمْ أَحَدُكُمْ وَذَهَبَ إِلَى الْخَلَاءِ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِذَا أَرَادَ أَحَدُكُمْ أَنْ يَذْهَبَ الْخَلَاءَ وَقَامَتْ الصَّلَاةُ فَلْيَبْدَأْ بِالْخَلَاءِقَالَ أَبُو دَاوُد رَوَى وُهَيْبُ بْنُ خَالِدٍ وَشُعَيْبُ بْنُ إِسْحَقَ وَأَبُو ضَمْرَةَ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ رَجُلٍ حَدَّثَهُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَرْقَمَ وَالْأَكْثَرُ الَّذِينَ رَوَوْهُ عَنْ هِشَامٍ قَالُوا كَمَا قَالَ زُهَيْرٌ
म्हानै बतायो है [अहमद बिन यूनुस] म्हानै बतायो है [जुहैर] म्हानै बतायो है [हिस्याम बिन उर्वाह] नै [उणरै पिता] सूं [अब्दुल्लाह बिन अल अरकम] सूं, कै वो लोगां रै एक समूह रै साथै हज या उमरा पढ़बा नै निकळ्यो हो अर वो बांरी नमाज री अगुवाई करतो हो। एक दिन जद बां फजर री नमाज पढ़ी तो बां कैयो; 'आप मांय सूं कोई एक आगै जावो,' फेर बो शौचालय गयो, - बो बोल्यो-; असल म्हं, मैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै कैता सुण्यो है: 'अगर थारै मांय सूं कोई नमाज स्थापित होबा रै दौरान शौचालय जाणो चावै है तो वो पैली शौचालय जावण सूं शुरू करै'। अबू दाऊद कह्यो; [वुहैब बिन खालिद] अर [स्यूएब बिन इशाक] अर [अबू दलामरा] [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं [एक आदमी] सूं जिणनै उणनै बताई ही, [अब्दुल्लाह बिन अरकाम] सूं आ हदीस सुणाई अर हिस्साम बिन अरकाम सूं आ हदीस सुणाबाळा घणकरा राउसी कैयो; जियां कै जुहैर कैयो।
Imam Abu Dawud : 82
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ حَنْبَلٍ وَمُسَدَّدٌ وَمُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى الْمَعْنَى قَالُوا حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ عَنْ أَبِي حَزْرَةَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ قَالَ ابْنُ عِيسَى فِي حَدِيثِهِ ابْنُ أَبِي بَكْرٍ ثُمَّ اتَّفَقُوا أَخُو الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ قَالَكُنَّا عِنْدَ عَائِشَةَ فَجِيءَ بِطَعَامِهَا فَقَامَ الْقَاسِمُ يُصَلِّي فَقَالَتْ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ لَا يُصَلَّى بِحَضْرَةِ الطَّعَامِ وَلَا وَهُوَ يُدَافِعُهُ الْأَخْبَثَانِ
म्हानै [अहमद बिन मुहम्मद बिन हंबल] अर [मुसद्दाद] अर [मुहम्मद बिन ईसा] नै एक ई अरथ बतार बां कैयो; म्हानै [यह्या बिन सईद] नै [अबू हजरा] सूं बतायो है, म्हानै [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद नै] बतायो है, इब्न ईसा कह्यो; हदीस रै मांय इब्न अबी बकर है, तीनूं ई एकमत है अर कैवै है कै वो - अब्दुल्ला बिन मुहम्मद - अल कासिम बिन मुहम्मद रो भाई है। वो केवे है; म्हे [ऐसिया] रै सागै हा, फेर खाणो ल्यायो गयो, फेर अल कासिम नमाज पढ़बा नै उठ्यो, फेर ऐस्या बोल्यो; मैं एक बार अल्लाह रै रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नै कैता सुण्यो हो कै 'जद भोजन परोस दियो जावै तो कोई भी नमाज नीं पढ़ै अर ना ही उणनै आपरी आंत अर पेशाब रोकणो चाइजै'।
Imam Abu Dawud : 83
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عِيسَى حَدَّثَنَا ابْنُ عَيَّاشٍ عَنْ حَبِيبِ بْنِ صَالِحٍ عَنْ يَزِيدَ بْنِ شُرَيْحٍ الْحَضْرَمِيِّ عَنْ أَبِي حَيٍّ الْمُؤَذِّنِ عَنْ ثَوْبَانَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثَلَاثٌ لَا يَحِلُّ لِأَحَدٍ أَنْ يَفْعَلَهُنَّ لَا يَؤُمُّ رَجُلٌ قَوْمًا فَيَخُصُّ نَفْسَهُ بِالدُّعَاءِ دُونَهُمْ فَإِنْ فَعَلَ فَقَدْ خَانَهُمْ وَلَا يَنْظُرُ فِي قَعْرِ بَيْتٍ قَبْلَ أَنْ يَسْتَأْذِنَ فَإِنْ فَعَلَ فَقَدْ دَخَلَ وَلَا يُصَلِّي وَهُوَ حَقِنٌ حَتَّى يَتَخَفَّفَحَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ السُّلَمِيُّ حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا ثَوْرٌ عَنْ يَزِيدَ بْنِ شُرَيْحٍ الْحَضْرَمِيِّ عَنْ أَبِي حَيٍّ الْمُؤَذِّنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَا يَحِلُّ لِرَجُلٍ يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ أَنْ يُصَلِّيَ وَهُوَ حَقِنٌ حَتَّى يَتَخَفَّفَ ثُمَّ سَاقَ نَحْوَهُ عَلَى هَذَا اللَّفْظِ قَالَ وَلَا يَحِلُّ لِرَجُلٍ يُؤْمِنُ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ أَنْ يَؤُمَّ قَوْمًا إِلَّا بِإِذْنِهِمْ وَلَا يَخْتَصُّ نَفْسَهُ بِدَعْوَةٍ دُونَهُمْ فَإِنْ فَعَلَ فَقَدْ خَانَهُمْ قَالَ أَبُو دَاوُد هَذَا مِنْ سُنَنِ أَهْلِ الشَّامِ لَمْ يُشْرِكْهُمْ فِيهَا أَحَدٌ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन ईसा] म्हानै बतायो है [इब्नू 'अय्यासी] नै [हबीब बिन शालिह] सूं [यजीद बिन सुरैह अल हदलरामी] सूं [अबू हैय अल मुआडज्जिन] सूं [त्सौबन] उण कह्यो; रसूलल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'तीन काम है जिका किणी नै नीं करणो चाइजै; एक आदमी रै वास्तै यो अनुमति कोनी है कै वो लोगां रो नेतृत्व करै, फेर बांनै शामिल किये बिना प्रार्थना करण में विशेषज्ञता राखै, जे वो ऐड़ो करै है तो इणरो मतलब है कै वो बांनै धोखो दियो है। इजाजत मांगबा सूं पैली उणनै किणी रै घर मांय नीं देखणो चाइजै, जे बो देखै तो इण रो मतलब ओ है कै बो घर मांय बड़ग्यो है। "उणनै आपरी आंतां नै पकड़ता थकां प्रार्थना नीं करणी चाइजै जद तांई बो खुद नै राहत नीं देवै - शौच कर - पैली।" आपां नै बतायो है [महमद बिन खालिद अस सुलामी] आपां नै बतायो है [अहमद बिन अली] आपां नै बतायो है [तसौर] सूं [यजीद बिन सूरैह अल हदलरमी] सूं [अबू हैय अल मुआज़ज़िन] सूं [अबू हुरैराह] सूं पैगम्बर सल्लाहु 'अलेही वसल्लम' सूं, उण कैयो है कै अल्लाह किणी माथै विस्वास करण री अनुमति कोनी है अर आखरी दिन मूत्र रोकता थका प्रार्थना करणी है जद तांई के वो खुद नै राहत नीं दे देवै -पैली शौच रै साथै', फेर उण उच्चारण रो जिक्र करियो जियां कै। उण पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रा सबदां रो जिकर करियो-: 'अर अल्लाह अर आखरी दिन माथै विस्वास करण आळा मिनख रै वास्तै उणरी इजाजत रै अलावा लोगां री अगुवाई करणी जायज कोनी है अर उणनै बांनै शामिल किये बिना प्रार्थना करण में विशेषज्ञता नीं राखणी चाइजै। जे वो करै है तो इण रो मतलब है कै वो बांनै धोखो दियो है। अबू दाऊद कह्यो; ये हदीस सारी स्याम विशेषज्ञां री है, बां रै अलावा कोई और नीं सुणाई।
Imam Abu Dawud : 84
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ صَفِيَّةَ بِنْتِ شَيْبَةَ عَنْ عَائِشَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَغْتَسِلُ بِالصَّاعِ وَيَتَوَضَّأُ بِالْمُدِّقَالَ أَبُو دَاوُد رَوَاهُ أَبَانُ عَنْ قَتَادَةَ قَالَ سَمِعْتُ صَفِيَّةَ
म्हानै बतायो गयो है [मुहम्मद बिन कथिर] नै [हम्मम] नै [कतदाह] सूं [शफीया बिन्त स्याबा] सूं ['ऐस्या] सूं बतायो है कै पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक शा' पाणी सूं नहायो अर एक कीचड़ सूं वजू करियो। अबू दाऊद कह्यो; [कतादाह] सूं [अबन] रै द्वारा सुनाया गया उण कह्यो; मैं [शफिया] रै बारै मांय सुण्यो है।
Imam Abu Dawud : 85
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ حَنْبَلٍ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ أَبِي زِيَادٍ عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ عَنْ جَابِرٍ قَالَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَغْتَسِلُ بِالصَّاعِ وَيَتَوَضَّأُ بِالْمُدِّ
म्हानै बतायो है [अहमद बिन मुहम्मद बिन हनबल] म्हानै बतायो है [हुसैम] म्हानै बतायो है [यजीद बिन अबी जियाद] नै [सलीम बिन अबी अल जाद] सूं [जाबीर] उण कह्यो; रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक शा' पानी से नहाया और एक कीचड़ से वजू लिया।
Imam Abu Dawud : 86
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ حَبِيبٍ الْأَنْصَارِيِّ قَالَ سَمِعْتُ عَبَّادَ بْنَ تَمِيمٍ عَنْ جَدَّتِهِ وَهِيَ أُمُّ عُمَارَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ فَأُتِيَ بِإِنَاءٍ فِيهِ مَاءٌ قَدْرُ ثُلُثَيْ الْمُدِّ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन बसिस्यार] म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन जाफर] म्हानै बतायो है [स्यूबाह] [हबीब अल अंसारी] सूं उण कैयो; म्हैं एक बार [अब्बाद बिन तमीम] नै [उणरी दादी, अर्थात उम्म अम्मारह] सूं सुण्यो हो कै जद पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम वजू करियो तो उणनै एक बर्तन दियो गयो हो जिण मांय करीब दो तिहाई कीचड़ हो।
Imam Abu Dawud : 87
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ الْبَزَّازُ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عِيسَى عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَبْرٍ عَنْ أَنَسٍ قَالَكَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ بِإِنَاءٍ يَسَعُ رَطْلَيْنِ وَيَغْتَسِلُ بِالصَّاعِقَالَ أَبُو دَاوُد رَوَاهُ يَحْيَى بْنُ آدَمَ عَنْ شَرِيكٍ قَالَ عَنْ ابْنِ جَبْرِ بْنِ عَتِيكٍ قَالَ وَرَوَاهُ سُفْيَانُ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عِيسَى حَدَّثَنِي جَبْرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ أَبُو دَاوُد وَرَوَاهُ شُعْبَةُ قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ جَبْرٍ سَمِعْتُ أَنَسًا إِلَّا أَنَّهُ قَالَ يَتَوَضَّأُ بِمَكُّوكٍ وَلَمْ يَذْكُرْ رَطْلَيْنِ قَالَ أَبُو دَاوُد و سَمِعْت أَحْمَدَ بْنَ حَنْبَلٍ يَقُولُ الصَّاعُ خَمْسَةُ أَرْطَالٍ وَهُوَ صَاعُ ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ وَهُوَ صَاعُ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अश शब्बाह अल बज्जाज] म्हानै बतायो है [शरीक] सूं [अब्दुल्लाह बिन ईसा] सूं [अब्दुल्लाह बिन जबर] सूं [अनस] उण कह्यो; "अल्लाह रा रसूल (अल्लाह अलैहि वसल्लम) दो बाल्टी पाणी वाळा बर्तन सूं वजू करियो अर एक शा सूं नहाया।" अबू दाऊद कह्यो; [यह्या बिन आदम] रै द्वारा [शरीक] सूं सुणायो गयो है; [इब्नू जबर बिन अतीक] सूं उण कैयो; [सुफयान] द्वारा [अब्दुल्ला बिन ईसा] सूं [जबर बिन अब्दुल्ला] बतायो है, अबू दाऊद कह्यो; अर [स्यूबाह] रै द्वारा बतायो गयो है कै; म्हानै [अब्दुल्लाह बिन अब्दिल्लाह बिन जबर] बतायो है, म्हैं [अनस] नै सुण्यो है, फगत उण कैयो; 'उण सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम एक कीचड़ सूं वजू करियो' अर दो संस्कारां रो जिकर नीं करियो। अबू दाऊद कह्यो; म्हैं एक बार अहमद बिन हनबल नै कैता सुण्यो हो; एक शा' पांच रितल है, यानी इब्न अबी दज़ीब री शा' रो आकार, यानी पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम री शा'।
Imam Abu Dawud : 88
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ الْجُرَيْرِيُّ عَنْ أَبِي نَعَامَةَ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ مُغَفَّلٍسَمِعَ ابْنَهُ يَقُولُ اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْقَصْرَ الْأَبْيَضَ عَنْ يَمِينِ الْجَنَّةِ إِذَا دَخَلْتُهَا فَقَالَ أَيْ بُنَيَّ سَلْ اللَّهَ الْجَنَّةَ وَتَعَوَّذْ بِهِ مِنْ النَّارِ فَإِنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّهُ سَيَكُونُ فِي هَذِهِ الْأُمَّةِ قَوْمٌ يَعْتَدُونَ فِي الطَّهُورِ وَالدُّعَاءِ
म्हानै बतायो है [मूसा बिन इस्माइल] म्हानै बतायो है [हम्मद] म्हानै [सैद अल जुरैरी] नै [अबू नआमा] सूं बतायो है कै [अब्दुल्लाह बिन मुगफ्फल] एक बार आपरै बेटै नै नमाज देवता सुण्यो हो कै; 'हे अल्लाह, जद म्हैं इण मांय प्रवेश करूंला तो म्हैं थारै सूं स्वर्ग रै दांई कानी एक सफेद महल मांगूंला'। तो अब्दुल्ला बिन मुगफ्फल कह्यो; 'हे म्हारा टाबर, अल्लाह सूं स्वर्ग री मांग करो अर नरक सूं उणरी शरण लेवो, साचाणी म्हैं अल्लाह रै रसूल नै कैता सुण्यो है: 'वास्तव में इण लोगां रो एक दल होसी जको शुद्धिकरण अर नमाज रै मामले में हद सूं बेसी होसी'।
Imam Abu Dawud : 89
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ سُفْيَانَ حَدَّثَنَا مَنْصُورٌ عَنْ هِلَالِ بْنِ يَسَافٍ عَنْ أَبِي يَحْيَى عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍوأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَأَى قَوْمًا وَأَعْقَابُهُمْ تَلُوحُ فَقَالَ وَيْلٌ لِلْأَعْقَابِ مِنْ النَّارِ أَسْبِغُوا الْوُضُوءَ
म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [यह्या] सूं [सुफियान] म्हानै बतायो है [मंसूर] सूं [हिलाल बिन यासफ] सूं [अबू यह्या] सूं [अब्दुल्लाह बिन अमरू] कै रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार एक लोगां नै देख्यो जिणरा टखना अजै भी सूखा दीख रैया हा, सो बां कैयो: नरक री आग, वजू पूरा करो'।
Imam Abu Dawud : 90
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ أَخْبَرَنِي صَاحِبٌ لِي عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ أَنَّ عَائِشَةَ قَالَتْكُنْتُ أَغْتَسِلُ أَنَا وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي تَوْرٍ مِنْ شَبَهٍحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ أَنَّ إِسْحَقَ بْنَ مَنْصُورٍ حَدَّثَهُمْ عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ عَنْ رَجُلٍ عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِنَحْوِهِ
म्हानै बतायो है [मूसा बिन इस्माइल] म्हानै बतायो है [हम्मद] म्हानै [म्हारै एक दोस्त नै] [हिशम बिन उर्वाह] सूं बतायो है कै [ऐस्याह] कह्यो है; 'मैं एक बार पीतल रै बर्तन मांय पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रै सागै नहायो हो।' म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अल 'अला]; कि [इशाक बिन मंसूर] नै [हम्मद बिन सलामा] सूं [एक आदमी] सूं [हिस्याम बिन उर्वाह] सूं [उणरै पिता] सूं [ऐस्याह रदलियाहु अनहा] सूं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सूं, इणी भांत रा सबदां रै साथै बतायो हो।
Imam Abu Dawud : 91
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ وَسَهْلُ بْنُ حَمَّادٍ قَالَا حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ زَيْدٍ قَالَجَاءَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخْرَجْنَا لَهُ مَاءً فِي تَوْرٍ مِنْ صُفْرٍ فَتَوَضَّأَ
म्हानै बतायो है [अल हसन बिन अली] म्हानै बतायो है [अबू अल वालिद] अर [सहल बिन हम्माद] वां दोनूं कैयो; वां म्हानै [अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला बिन अबू सलामा] नै [अमरू बिन याह्या] सूं [उणरै पिता] सूं [अब्दुल्ला बिन जैद] बतायो है, वां कैयो; रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम म्हारै कनै आया तो म्हे उणरै वास्तै पीतल रै बर्तन मांय पाणी ल्याया, फेर उण वजू कर लियो।
Imam Abu Dawud : 92
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُوسَى عَنْ يَعْقُوبَ بْنِ سَلَمَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا صَلَاةَ لِمَنْ لَا وُضُوءَ لَهُ وَلَا وُضُوءَ لِمَنْ لَمْ يَذْكُرْ اسْمَ اللَّهِ تَعَالَى عَلَيْهِ
म्हानै बतायो है [कुतैबा बिन सईद] म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन मूसा] नै [याकूब बिन सलामा] सूं [उणरै पिता] सूं [अबू हुरैरा] नै बतायो है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कह्यो: 'जिण मिनख री नमाज वजू नीं करै है, बां री नमाज नामान है अर जिण मिनख माथै अल्लाह ताआला रो नाम नीं लेवै है, बां रो नमाज नामान है।'
Imam Abu Dawud : 93
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ عَنْ الدَّرَاوَرْدِيِّ قَالَ وَذَكَرَ رَبِيعَةُأَنَّ تَفْسِيرَ حَدِيثِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا وُضُوءَ لِمَنْ لَمْ يَذْكُرْ اسْمَ اللَّهِ عَلَيْهِ أَنَّهُ الَّذِي يَتَوَضَّأُ وَيَغْتَسِلُ وَلَا يَنْوِي وُضُوءًا لِلصَّلَاةِ وَلَا غُسْلًا لِلْجَنَابَةِ
म्हानै बतायो है [अहमद बिन अमरू बिन अस सरज] म्हानै बतायो है [इब्नू वाहब] नै [अद दारावरदी] सूं बो बोल्यो; [रबिया] बतायो कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम री हदीस री व्याख्या: 'वूध उण मिनख रै वास्तै मान्य कोनी है जिण माथै अल्लाह रो नाम नीं है', वो मिनख है जिको वजू करै है या जनाबा स्नान करै है पण नमाज रै वास्तै जनाबा स्नान करण रो इरादो नीं राखै है।
Imam Abu Dawud : 94
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي رَزِينٍ وَأَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا قَامَ أَحَدُكُمْ مِنْ اللَّيْلِ فَلَا يَغْمِسْ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ حَتَّى يَغْسِلَهَا ثَلَاثَ مَرَّاتٍ فَإِنَّهُ لَا يَدْرِي أَيْنَ بَاتَتْ يَدُهُحَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَعْنِي بِهَذَا الْحَدِيثِ قَالَ مَرَّتَيْنِ أَوْ ثَلَاثًا وَلَمْ يَذْكُرْ أَبَا رَزِينٍ
म्हानै बतायो कै [मुसद्दाद] म्हानै [अबू मुआविया] नै [अल अमसी] सूं [अबू रज़िन] अर [अबू सलीह] नै [अबू हुरैरा] सूं बतायो हो, उण कह्यो; रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कह्यो: 'अगर थारै मांय सूं कोई रात नै जागै तो उणनै आपरो हाथ किणी बर्तन मांय नीं डुबोणो चाइजै जद तांई बो पैली तीन बार नीं धो लेवै, क्यूंकै असल मांय उणनै ओ नीं मालूम है कै काल रात नै उणरो हाथ कठै हो'। म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै बतायो है [ईसा बिन यूनुस] नै [अल अमसी] सूं [अबू सलीह] सूं [अबू हुरैराह] सूं पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम सूं, यानी इण हदीस रै साथै, उण दो-तीन बार कैयो अर अबू रज़िन रो जिकर नीं करियो।
Imam Abu Dawud : 95
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ السَّرْحِ وَمُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ الْمُرَادِيُّ قَالَا حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ صَالِحٍ عَنْ أَبِي مَرْيَمَ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِذَا اسْتَيْقَظَ أَحَدُكُمْ مِنْ نَوْمِهِ فَلَا يُدْخِلْ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ حَتَّى يَغْسِلَهَا ثَلَاثَ مَرَّاتٍ فَإِنَّ أَحَدَكُمْ لَا يَدْرِي أَيْنَ بَاتَتْ يَدُهُ أَوْ أَيْنَ كَانَتْ تَطُوفُ يَدُهُ
म्हानै बतायो है [अहमद बिन अमरू बिन अस सरज] अर [मुहम्मद बिन सलामाह अल मुरादी] वां दोनूं कैयो; म्हानै [इब्न वाहब] नै [मुआविया बिन सालिह] सूं [अबू मरियम] सूं बतायो है; मैं एक बार [अबू हुरैरा] नै कैता सुण्यो हो; मैं एक बार अल्लाह रै रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) नै कैता सुण्यो है: 'जद थारै मांय सूं कोई नींद सूं उठैला तो उणनै आपरो हाथ किणी बर्तन मांय नीं घालणो चाइजै जद तांई बो उणनै पैली तीन बार नीं धो लेवै, क्यूंकै थारै मांय सूं कोई नै ओ नीं मालूम है कै काल रात उणरो हाथ कठै हो अर उणरो हाथ कठै गयो'।
Imam Abu Dawud : 96
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْحُلْوَانِيُّ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ عَنْ حُمْرَانَ بْنِ أَبَانَ مَوْلَى عُثْمَانَ بْنِ عَفَّانَ قَالَرَأَيْتُ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ تَوَضَّأَ فَأَفْرَغَ عَلَى يَدَيْهِ ثَلَاثًا فَغَسَلَهُمَا ثُمَّ تَمَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا وَغَسَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى إِلَى الْمِرْفَقِ ثَلَاثًا ثُمَّ الْيُسْرَى مِثْلَ ذَلِكَ ثُمَّ مَسَحَ رَأْسَهُ ثُمَّ غَسَلَ قَدَمَهُ الْيُمْنَى ثَلَاثًا ثُمَّ الْيُسْرَى مِثْلَ ذَلِكَ ثُمَّ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ مِثْلَ وُضُوئِي هَذَا ثُمَّ قَالَ مَنْ تَوَضَّأَ مِثْلَ وُضُوئِي هَذَا ثُمَّ صَلَّى رَكْعَتَيْنِ لَا يُحَدِّثُ فِيهِمَا نَفْسَهُ غَفَرَ اللَّهُ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا الضَّحَّاكُ بْنُ مَخْلَدٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ وَرْدَانَ حَدَّثَنِي أَبُو سَلَمَةَ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ حَدَّثَنِي حُمْرَانُ قَالَ رَأَيْتُ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ تَوَضَّأَ فَذَكَرَ نَحْوَهُ وَلَمْ يَذْكُرْ الْمَضْمَضَةَ وَالِاسْتِنْشَاقَ وَقَالَ فِيهِ وَمَسَحَ رَأْسَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِ ثَلَاثًا ثُمَّ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ هَكَذَا وَقَالَ مَنْ تَوَضَّأَ دُونَ هَذَا كَفَاهُ وَلَمْ يَذْكُرْ أَمْرَ الصَّلَاةِ
म्हानै बतायो है [अल हसन बिन अली अल हुलवानी] म्हानै बतायो है [अब्दुर्राज़ाक] म्हानै बतायो है [मामर] नै [अज जुहरी] सूं ['अथा` बिन यजीद अल लैत्सी] सूं [हमरान बिन अबान] उथमान बिन अफ्फान रो पूर्व साथी, उण कैयो; मैं एक बार [उथमान बिन अफ्फान] नै वजू लेता देख्यो, बां आपरा दो हाथां माथै तीन बार पाणी न्हाख्यो फेर बांनै धोया, फेर आपरो मुंह कुल्ला करियो अर इस्तिंसियाक करियो, फेर आपरो मुंडो तीन बार धोयो, आपरो दांयो हाथ तीन बार कोहनी तांई धोयो, फेर बांया हाथ भी, फेर आपरो माथो पोंछ्यो, फेर आपरो दांयो पग तीन बार धोयो, फेर बांया हाथ भी धोयो, फेर बोल्यो; मैं एक बार देख्यो हो कै पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै इण तरै सूं वजू करियो, फेर कैयो: 'जो कोई भी इण तरै सूं वजू करै अर पछै दो रकात नमाज पढ़ै जिण री वो खुद सूं बात नीं करै, तो अल्लाह उणरा पिछला पापां नै माफ कर देला'। म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] म्हानै बतायो है [अध धाहक बिन मिखलाद] म्हानै बतायो है [अब्दुर्रहमान बिन वरदान] म्हानै बतायो है [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] म्हानै बतायो है [हमरान] उण कह्यो; मैं एक बार [उस्मान बिन अफ्फान] नै वजू लेता देख्यो, फेर बां इसी हदीस बताई, पण बां गरारा करण अर आपरी पूरी कोशिश करण रो जिक्र कोनी करियो, अर उण हदीस मांय बां कैयो; 'अर बो तीन बार आपरो माथो पोंछ्यो अर पछै तीन बार आपरा पग धोया अर पछै बोल्यो; मैं एक बार देख्यो कै रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै इण भांत वजू लेता अर कैयो: 'जो कोई इणसूं कम वजू लेवैला, उणनै काफी होसी', अर उण - अबू सलामा - नमाज री बात नीं करी।
Imam Abu Dawud : 97
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ دَاوُدَ الْإِسْكَنْدَرَانِيُّ حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ يُونُسَ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ زِيَادٍ الْمُؤَذِّنُ عَنْ عُثْمَانَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ التَّيْمِيِّ قَالَ سُئِلَ ابْنُ أَبِي مُلَيْكَةَ عَنْ الْوُضُوءِ فَقَالَ رَأَيْتُ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ سُئِلَ عَنْ الْوُضُوءِ فَدَعَا بِمَاءٍ فَأُتِيَ بِمِيضَأَةٍ فَأَصْغَاهَا عَلَى يَدِهِ الْيُمْنَى ثُمَّ أَدْخَلَهَا فِي الْمَاءِ فَتَمَضْمَضَ ثَلَاثًا وَاسْتَنْثَرَ ثَلَاثًا وَغَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى ثَلَاثًا وَغَسَلَ يَدَهُ الْيُسْرَى ثَلَاثًا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ فَأَخَذَ مَاءً فَمَسَحَ بِرَأْسِهِ وَأُذُنَيْهِ فَغَسَلَ بُطُونَهُمَا وَظُهُورَهُمَا مَرَّةً وَاحِدَةً ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِ ثُمَّ قَالَ أَيْنَ السَّائِلُونَ عَنْ الْوُضُوءِ هَكَذَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَتَوَضَّأُ قَالَ أَبُو دَاوُد أَحَادِيثُ عُثْمَانَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ الصِّحَاحُ كُلُّهَا تَدُلُّ عَلَى مَسْحِ الرَّأْسِ أَنَّهُ مَرَّةً فَإِنَّهُمْ ذَكَرُوا الْوُضُوءَ ثَلَاثًا وَقَالُوا فِيهَا وَمَسَحَ رَأْسَهُ وَلَمْ يَذْكُرُوا عَدَدًا كَمَا ذَكَرُوا فِي غَيْرِهِ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُوسَى أَخْبَرَنَا عِيسَى أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ يَعْنِي ابْنَ أَبِي زِيَادٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُبَيْدِ بْنِ عُمَيْرٍ عَنْ أَبِي عَلْقَمَةَ أَنَّ عُثْمَانَ دَعَا بِمَاءٍ فَتَوَضَّأَ فَأَفْرَغَ بِيَدِهِ الْيُمْنَى عَلَى الْيُسْرَى ثُمَّ غَسَلَهُمَا إِلَى الْكُوعَيْنِ قَالَ ثُمَّ مَضْمَضَ وَاسْتَنْشَقَ ثَلَاثًا وَذَكَرَ الْوُضُوءَ ثَلَاثًا قَالَ وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَيْهِ وَقَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تَوَضَّأَ مِثْلَ مَا رَأَيْتُمُونِي تَوَضَّأْتُ ثُمَّ سَاقَ نَحْوَ حَدِيثِ الزُّهْرِيِّ وَأَتَمَّ
म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन दाऊद अल सिकंदरानी] म्हानै बतायो है [जियाद बिन यूनुस] म्हानै बतायो है [सईद बिन जियाद अल मुआज़ज़िन] नै [उथमान बिन अब्दिरहमान अत तैमी] सूं उण कैयो; [इब्नू अबिमुलैका] नै एक बार वजू रै बारै में पूछ्यो गयो हो, तो उण जवाब दियो; मैं एक बार देख्यो [उथमान बिन अब्दिररहमान अत तैमी] नै वजूद रै बारै में पूछ्यो, फेर बां पाणी मांग्यो, तो बां कनै एक बर्तन ल्यायो गयो, फेर बां नै आपरै दांया हाथ माथै ढाळ दियो, फेर पाणी मांय घाल दियो, फेर बां रो मुंह तीन बार कुल्ला करियो, तीन बार इस्तिन्स्याक करियो, बां रो चेहरो तीन बार धोयो, पछै बां रो दांयो हाथ तीन बार धोयो, अर बां रो हाथ तीन बार धोयो, फेर बां रो सिर तीन बार पाणी मांय धोयो। अर कान, बो आपरै शरीर रै मांय अर बारै नै धोया। एक बार बारै, फेर दोनूं पगां नै धोया, फेर कैयो; 'वजू पूछण आळा लोग कठै है? इण भांत म्हैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नै वजू करता देख्यो। अबू दाऊद कह्यो; उस्मान रायअल्लाहू अन्हू द्वारा लिखी गई सगळी प्रामाणिक हदीस बतावै है कै सिर रगड़णो एक बार है। बां तीन बार वजू रो जिकर करियो, फेर बां उणनै माथा पोंछबा री बात करी, पण बां दूजा लोगां रै मुजब संख्या रो जिकर नीं करियो। म्हानै बतायो गयो है [इब्राहिम बिन मूसा] म्हानै बतायो है [ईसा] म्हानै [उबैदुल्लाह, अर्थात् इब्न अबी जियाद] [अब्दुल्ला बिन उबैद बिन उमैर] सूं [अबू 'अलकमा] सूं बतायो है कै [उथमान] एक बार पाणी मांग्यो, फेर वजू करियो, उण आपरै दांई हाथ सूं पाणी ढाळ्यो, फेर बां दोनूं रै हाथां नै ऊपर उठा दियो। वो केवे है; फेर आपरो मुंह कुल्ला करो अर तीन बार इटिनस्याक करो। बां तीन बार वजू रो जिक्र कर्यो। वो केवे है; बो आपरो माथो रगड़्यो अर पछै आपरा पग धोया अर बोल्यो; 'मैं एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम नै वजू लेता देख्यो हो जियां थै म्हनै वजू लेता देख्यो हो।' फेर उण अज जुहरी री हदीस रो जिक्र करियो अर वा और भी सही ही।
Imam Abu Dawud : 98
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ عَنْ عَامِرِ بْنِ شَقِيقِ بْنِ جَمْرَةَ عَنْ شَقِيقِ بْنِ سَلَمَةَ قَالَرَأَيْتُ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ غَسَلَ ذِرَاعَيْهِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا وَمَسَحَ رَأْسَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَعَلَ هَذَاقَالَ أَبُو دَاوُد رَوَاهُ وَكِيعٌ عَنْ إِسْرَائِيلَ قَالَ تَوَضَّأَ ثَلَاثًا فَقَطْ
म्हानै बतायो है [हारून बिन अब्दुल्ला] म्हानै बतायो है [यह्या बिन आदम] म्हानै बतायो है [इजरायल] नै [अमीर बिन स्याक बिन जमराह] सूं [स्याक बिन सलामा] उण कह्यो; म्हैं एक बार देख्यो [उथमान बिन अफ्फान] आपरी दो बांह नै तीन बार धोयो अर आपरो माथो तीन बार पोंछ्यो, फेर बो बोल्यो; 'मैं एक बार देख्यो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु 'अलेहि वसल्लम यो करो'। अबू दाऊद कह्यो; [इजरायल] सूं [वाकी'] रै द्वारा सुनाया गया उण कह्यो; उण फगत तीन बार वजू लिया।
Imam Abu Dawud : 99
حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ خَالِدِ بْنِ عَلْقَمَةَ عَنْ عَبْدِ خَيْرٍ قَالَأَتَانَا عَلِيٌّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَقَدْ صَلَّى فَدَعَا بِطَهُورٍ فَقُلْنَا مَا يَصْنَعُ بِالطَّهُورِ وَقَدْ صَلَّى مَا يُرِيدُ إِلَّا لِيُعَلِّمَنَا فَأُتِيَ بِإِنَاءٍ فِيهِ مَاءٌ وَطَسْتٍ فَأَفْرَغَ مِنْ الْإِنَاءِ عَلَى يَمِينِهِ فَغَسَلَ يَدَيْهِ ثَلَاثًا ثُمَّ تَمَضْمَضَ وَاسْتَنْثَرَ ثَلَاثًا فَمَضْمَضَ وَنَثَرَ مِنْ الْكَفِّ الَّذِي يَأْخُذُ فِيهِ ثُمَّ غَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا ثُمَّ غَسَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى ثَلَاثًا وَغَسَلَ يَدَهُ الشِّمَالَ ثَلَاثًا ثُمَّ جَعَلَ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ فَمَسَحَ بِرَأْسِهِ مَرَّةً وَاحِدَةً ثُمَّ غَسَلَ رِجْلَهُ الْيُمْنَى ثَلَاثًا وَرِجْلَهُ الشِّمَالَ ثَلَاثًا ثُمَّ قَالَ مَنْ سَرَّهُ أَنْ يَعْلَمَ وُضُوءَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَهُوَ هَذَاحَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْحُلْوَانِيُّ حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ عَلِيٍّ الْجُعْفِيُّ عَنْ زَائِدَةَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ عَلْقَمَةَ الْهَمْدَانِيُّ عَنْ عَبْدِ خَيْرٍ قَالَ صَلَّى عَلِيٌّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ الْغَدَاةَ ثُمَّ دَخَلَ الرَّحْبَةَ فَدَعَا بِمَاءٍ فَأَتَاهُ الْغُلَامُ بِإِنَاءٍ فِيهِ مَاءٌ وَطَسْتٍ قَالَ فَأَخَذَ الْإِنَاءَ بِيَدِهِ الْيُمْنَى فَأَفْرَغَ عَلَى يَدِهِ الْيُسْرَى وَغَسَلَ كَفَّيْهِ ثَلَاثًا ثُمَّ أَدْخَلَ يَدَهُ الْيُمْنَى فِي الْإِنَاءِ فَمَضْمَضَ ثَلَاثًا وَاسْتَنْشَقَ ثَلَاثًا ثُمَّ سَاقَ قَرِيبًا مِنْ حَدِيثِ أَبِي عَوَانَةَ قَالَ ثُمَّ مَسَحَ رَأْسَهُ مُقَدَّمَهُ وَمُؤَخِّرَهُ مَرَّةً ثُمَّ سَاقَ الْحَدِيثَ نَحْوَهُ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنِي شُعْبَةُ قَالَ سَمِعْتُ مَالِكَ بْنَ عُرْفُطَةَ سَمِعْتُ عَبْدَ خَيْرٍ رَأَيْتُ عَلِيًّا رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أُتِيَ بِكُرْسِيٍّ فَقَعَدَ عَلَيْهِ ثُمَّ أُتِيَ بِكُوزٍ مِنْ مَاءٍ فَغَسَلَ يَدَيْهِ ثَلَاثًا ثُمَّ تَمَضْمَضَ مَعَ الِاسْتِنْشَاقِ بِمَاءٍ وَاحِدٍ وَذَكَرَ الْحَدِيثَ حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا رَبِيعَةُ الْكِنَانِيُّ عَنْ الْمِنْهَالِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ زِرِّ بْنِ حُبَيْشٍ أَنَّهُ سَمِعَ عَلِيًّا رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ وَسُئِلَ عَنْ وُضُوءِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ الْحَدِيثَ وَقَالَ وَمَسَحَ عَلَى رَأْسِهِ حَتَّى لَمَّا يَقْطُرْ وَغَسَلَ رِجْلَيْهِ ثَلَاثًا ثَلَاثًا ثُمَّ قَالَ هَكَذَا كَانَ وُضُوءُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
म्हानै बतायो है [मुसद्दाद] म्हानै [अबू 'अवाना] [खालिद बिन 'अलकमा] सूं [अब्दी खैर] सूं बतायो है, उण कैयो; [अली रायअल्लाहु 'अन्हू] एक बार नमाज पढ़ता बगत म्हांनै मिल्यो, फेर बां शुद्धिकरण रो पाणी मांग्यो, सो म्हे कह्यो; 'जद बो पैली सूं ई प्रार्थना कर रैयो है तो बो पवित्र पाणी रो कांई करेला? बांरै कनै म्हानै सिखाबा रै अलावा कोई इच्छा कोनी है। फेर बांरै कनै पाणी सूं भर्योड़ो एक बर्तन ल्यायो गयो, फेर बां आपरै दांया हाथ रै बर्तन सूं पाणी ढाळ दियो, बां आपरा हाथ तीन बार धोया, फेर बां रो मुंडो गराराया अर तीन बार रीति-रिवाज री प्रार्थना करी, बां आपरो मुंह कुल्ला करियो अर उण हाथ री हथेली सूं विधि-विधान री प्रार्थना करी जिण सूं बो पाणी लेवतो हो- यानी आपरै दांया हाथ सूं, फेर बां रो दायां हाथ तीन बार धोयो गयो। बार अर बांया हाथ तीन बार धोयो, फेर बोल्यो; 'जो भी रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम रो वजू जाणणो चावै है, तो वो ईज है'। म्हानै बतायो है [अल हसन बिन अली अल हुलवानी] म्हानै बतायो है [अल हुसैन बिन अली अल जुफी] [जैदा] सूं म्हानै बतायो है [खालिद बिन अलकामा अल हमदानी] [अब्दी खैर] सूं, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम फजर रै बगत कह्यो, फेर वो राबा रै मांय दाखिल हुयो, फेर वो एक आदमी रै साथै पाणी मांग्यो, एक बर्तन जिण मांय ओ होवै। पाणी'। वो केवे है; 'फेर उण आपरै दांया हाथ सूं बर्तन लीधो, फेर बांया हाथ मांय ढाळ दियो अर आपरी हथेलियां नै तीन बार धोयो, पछै आपरो दांयो हाथ बर्तन मांय घाल्यो, फेर तीन बार आपरो मुंह धोयो, फेर तीन बार प्रार्थना करी'। फेर उण - जैदाह बिन कुदामाह - अबू अवाना री हदीस रो जिक्र करियो जिण रो जिकर अबार ई करियो गयो हो अर आगै कैयो; फेर बां आपरो माथो, आगे अर पाछै एक बार रगड़्यो, फेर बां एक इसी हदीस बताई। म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] म्हानै बतायो है [मुहम्मद बिन जाफर] म्हानै बतायो है [स्यूबाह] बो कह्यो; म्हैं सुण्यो है [मलिक बिन उर्फुतह], म्हैं सुण्यो है [अब्दी खैर], म्हैं देख्यो है [अली रदलियाअल्लाहु 'अन्हू] एक कुर्सी ल्यायो अर बो उण माथै बैठग्यो, फेर पाणी सूं भर्योड़ो एक करछुल उणरै कनै ल्यायो गयो, फेर बो आपरा हाथ तीन बार धोया, फेर इस्तिकस्या रै साथै-साथै उणी पाणी सूं आपरो मुंह धोयो। फेर स्यूबाह इण हदीस रो जिक्र करियो। म्हानै बतायो है [उथमान बिन अबी स्याबा] म्हानै बतायो है [अबू नूआइम] म्हानै बतायो है [रबिया अल किनानी] नै [अल मिन्हाल बिन अमरू] सूं [जीर बिन हुबैसी] सूं, कै उणनै एक बार [अली रदलियाहू 'अन्हू] नै रसूलुल्लाह सल्लाहुल्लाहू रै वजू रै बारै में पूछ्यो हो, फेर ओ भी हल्लाम हो। वो -जिर्र- बोल्यो; अर बो आपरो माथो पोंछतो रैयो जद तांई पाणी नीं टपक्यो, पछै आपरा पगां नै तीन बार धोया अर पछै कैयो; वो पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम रो वजू है।
Imam Abu Dawud : 100
حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ الطُّوسِيُّ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا فِطْرٌ عَنْ أَبِي فَرْوَةَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى قَالَرَأَيْتُ عَلِيًّا رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ تَوَضَّأَ فَغَسَلَ وَجْهَهُ ثَلَاثًا وَغَسَلَ ذِرَاعَيْهِ ثَلَاثًا وَمَسَحَ بِرَأْسِهِ وَاحِدَةً ثُمَّ قَالَ هَكَذَا تَوَضَّأَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ
म्हानै बतायो है [जियाद बिन अय्यूब अथ थुसी] म्हानै बतायो है [उबैदुल्लाह बिन मूसा] म्हानै बतायो है [फिथर] सूं [अबू फरवाह] सूं [अब्दुर्रहमान बिन अबी लैला], उण कैयो; मैं एक बार देख्यो [अली रायअल्लाहु 'अन्हू] नै वजू लेता, बां आपरो मुंडो तीन बार धोयो, तीन बार बांह धोई अर एक बार आपरो माथो पोंछ्यो, फेर बोल्यो; पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम इण तरै सूं वजू करता हा।