Allah menyiksa pada hari kiamat orang-orang yang menyiksa manusia di dunia
Imam Ahmad : 14790
حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عُرْوَةَ عَنْ أَبِيهِ عَنِ ابْنِ حِزَامٍ أَنَّهُ مَرَّ بِأُنَاسٍ مِنْ أَهْلِ الذِّمَّةِ قَدْ أُقِيمُوا فِي الشَّمْسِ بِالشَّامِ فَقَالَ مَا هَؤُلَاءِ قَالُوا بَقِيَ عَلَيْهِمْ شَيْءٌ مِنْ الْخَرَاجِ فَقَالَ إِنِّي أَشْهَدُ أَنِّي سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ يُعَذِّبُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ الَّذِينَ يُعَذِّبُونَ النَّاسَ قَالَ وَأَمِيرُ النَّاسِ يَوْمَئِذٍ عُمَيْرُ بْنُ سَعْدٍ عَلَى فِلَسْطِينَ قَالَ فَدَخَلَ عَلَيْهِ فَحَدَّثَهُ فَخَلَّى سَبِيلَهُمْ حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا هِشَامٌ عَنْ أَبِيهِ عَنْ هِشَامِ بْنِ حَكِيمٍ أَنَّهُ مَرَّ بِالشَّامِ عَلَى قَوْمٍ مِنْ الْأَنْبَاطِ وَقَدْ أُقِيمُوا فِي الشَّمْسِ فَذَكَرَ مَعْنَاهُ
हमनी के बतवले बाड़े [वाकी’] हमनी के [हिस्याम बिन उर्वाह] [उनकर पिता] से [इब्न हिजाम] से बतवले बाड़े कि उ एक बेर सीरिया में धूप के नीचे सूखल धिम्मी लोग से गुजरले रहले। फेर पूछले कि ओह लोग में का बाति बा? उ लोग जवाब दिहल कि अभी भी खोरोज – इस्लामी शासन के तहत काफिरन प लगावल जाए वाला टैक्स – उठावे के बा। तब -हकीम बिन हिजाम रदलियाल्लाहुअनहुमा- कहले; हम गवाही देत बानी कि हम रसुलुल्लाह शल्लल्लाहुअलैहिवसल्लम के कहत सुनले बानी कि 'अल्लाह 'अज्जवाजल्ला क़यामत के दिन इंसान के यातना देवे वाला के सजा देवेले' -हिस्यम रदलियाहुअनहु- कहले; ओह घरी फिलिस्तीन में इनकर अमीर उमैर बिन साद रहले। हिशाम कहले कि; तब -जज रदलियाल्लाहुअनहु- उनुका से मिल के बतवले त उ ओ लोग के छोड़ देले। हमनी से बात कईले बाड़े [इब्न नुमैर] हमनी से [हिस्याम] से बात कईले बाड़े [उनकर पिता] से [हिसियाम बिन हकीम] से उ सीरिया के अनबथ के एगो लोग के पास से गुजरले जवन कि गरम धूप में सूखत रहे, फिर उ हदीस के मतलब बतवले -जईसे ऊपर-।