Hari-hari Tasyriq tidak boleh berpuasa
इमाम अहमद : 14237
حَدَّثَنَا حَسَنٌ حَدَّثَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ حَدَّثَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ قَالَ سَأَلْتُ جَابِرًا عَنْ الْقَتِيلِ الَّذِي قُتِلَ فَأَذَّنَ فِيهِ سُحَيْمٌ قَالَ كُنَّا بِحُنَيْنٍ فَأَمَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ سُحَيْمًا أَنْ يُؤَذِّنَ فِي النَّاسِ أَنْ لَا يَدْخُلَ الْجَنَّةَ إِلَّا مُؤْمِنٌ قَالَ وَلَا أَعْلَمُهُ قُتِلَ أَحَدٌ قَالَ مُوسَى بْنُ دَاوُدَ قَتَلَ أَحَدًا
हमें बताया है [हसन] ने हमें बताया है [इब्न लहिया] ने हमें बताया है [अबू अज़ ज़ुबैर] ने कहा; मैंने [जाबिर] से युद्ध में मारे गए लोगों के बारे में पूछा था और सुहैम ने इसे बताया। वह कहते हैं; हम हुनैन में थे जब पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सुहैम से लोगों को यह बताने के लिए कहा कि ईमान वालों के अलावा कोई भी जन्नत में नहीं जाएगा। (जाबिर बिन अब्दुल्ला रदलिअल्लाहु अन्हुमा) ने कहा; और मुझे नहीं पता कि 'किसी की हत्या हुई' यह बात सच है या नहीं। मूसा बिन दाउद ने एडिटोरियल के साथ कहा 'जिसने किसी की हत्या की।'