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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Nabi shallallahu 'alaihi wasallam. Perumpamaan menyempurnakan dan memperindah bangunan kecuali ada satu labinah

इमाम अहमद : 10645

حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَثَلِي وَمَثَلُ النَّبِيِّينَ مِنْ قَبْلِي كَمَثَلِ رَجُلٍ بَنَى دَارًا فَأَتَمَّهَا إِلَّا لَبِنَةً وَاحِدَةً فَجِئْتُ أَنَا فَأَتْمَمْتُ تِلْكَ اللَّبِنَةَ

हमें बताया गया है [अबू मुअविया] ने कहा; हमें [अल अमासी] ने [अबू शालीह] से बताया है [अबू सईद अल खुदरी] ने कहा; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "मुझसे पहले के सभी नबियों के साथ मेरी मिसाल उस आदमी जैसी है जो एक घर बनाता है, फिर वह एक ईंट को छोड़कर बाकी सब को पूरा करता है, फिर मैं आता हूं और पत्थर को पूरा करता हूं।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 7020, 7173, 7768, 8802, 10645, 14358, 14359, 20291, 20292
इमाम बुखारी : 3270, 3271
इमाम मुस्लिम : 4237, 4238, 4239, 4240
इमाम तिर्मिदज़ी : 2789, 3546