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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम अहमद : 7535

حَدَّثَنَا الْفَضْلُ بْنُ دُكَيْنٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنِ الْأَعْمَشِ عَنْ ذَكْوَانَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَأَنْ يَمْتَلِئَ جَوْفُ الرَّجُلِ قَيْحًا يَرِيهِ خَيْرٌ لَهُ مِنْ أَنْ يَمْتَلِئَ شِعْرًا

हमें बताया है [अल फदलु बिन दुकैन] ने कहा; हमें बताया है [सुफ़यान] ने [अल अमासी] से [दज़कवान] से [अबू हुरैरा] से, उन्होंने कहा; पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "अगर किसी व्यक्ति का पेट मवाद से भरा है, तो यह कविता से भरे होने से बेहतर है।"