इमाम अहमद : 4933
حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ أَخْبَرَنِي نَافِعٌ عَنِ ابْنِ عُمَرَ قَالَ بَعَثَنَا نَبِيُّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَرِيَّةٍ بَلَغَتْ سُهْمَانُنَا اثْنَيْ عَشَرَ بَعِيرًا وَنَفَّلَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَعِيرًا بَعِيرًا
हमें [याह्या] ने [उबैदुल्लाह] से बताया है, मुझे [नफी] ने [इब्न उमर] से बताया है कि उन्होंने कहा, "अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) ने हमें एक बार एक अभियान पर भेजा, हमारा हिस्सा बारह ऊंटों तक पहुंचा और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) ने हममें से प्रत्येक को युद्ध की लूट में एक अतिरिक्त ऊंट दिया।"