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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Seorang wanita tidak boleh mengadakan perjalanan diatas tiga hari kecuali bersama mahramnya

इमाम दरिमी : 2562

حَدَّثَنَا يَعْلَى حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تُسَافِرْ الْمَرْأَةُ سَفَرًا ثَلَاثَةَ أَيَّامٍ فَصَاعِدًا إِلَّا وَمَعَهَا أَبُوهَا أَوْ أَخُوهَا أَوْ زَوْجُهَا أَوْ ذُو مَحْرَمٍ مِنْهَا

हमें [या'ला] ने हमें [अल अ'मसी] से [अबू सलेह] से [अबू सईद] से बताया है, उन्होंने कहा; पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "कोई भी महिला तीन दिन या उससे अधिक यात्रा नहीं कर सकती है जब तक कि वह अपने पिता, भाई, पति या महरम के साथ न हो।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 4386, 4467, 6007, 6008, 8208, 10615, 10992, 11080, 11163, 11309
इमाम बुखारी : 1024, 1025
इमाम मुस्लिम : 2381, 2382, 2384, 2385, 2389, 2390
इमाम अबू दाऊद : 1466, 1467
इमाम तिर्मिदज़ी : 1089
इमाम इब्नु माजा : 2889
इमाम दरिमी : 2562