इमाम दरिमी : 2436
أَخْبَرَنَا عُثْمَانُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي لَيْلَى عَنْ الْقَاسِمِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ الْبَيِّعَانِ إِذَا اخْتَلَفَا وَالْبَيْعُ قَائِمٌ بِعَيْنِهِ وَلَيْسَ بَيْنَهُمَا بَيِّنَةٌ فَالْقَوْلُ مَا قَالَ الْبَائِعُ أَوْ يَتَرَادَّانِ الْبَيْعَ
उन्होंने कहा, "हमें [उथमान बिन मुहम्मद] ने बताया है, हमें [हुसैय्यम] ने बताया है, हमें [इब्न अबू लैला] ने [अल कासिम बिन अब्दुर्रहमान] से [अपने पिता] से [अब्दुल्ला] से बताया है, उन्होंने कहा; मैंने पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को यह कहते सुना: "अगर दो लोग जो खरीद और बिक्री कर रहे हैं, उनमें झगड़ा हो जाए, जबकि बिक्री और खरीद हो चुकी हो और उन दोनों के पास कोई सबूत न हो, तो जो शब्द सुने जाते हैं वे वही हैं जो बेचने वाले ने कहा या वे बिक्री और खरीद को रद्द कर देते हैं।"