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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम दरिमी : 2291

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ أَبِي حَازِمٍ عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَغَدْوَةٌ فِي سَبِيلِ اللَّهِ أَوْ رَوْحَةٌ خَيْرٌ مِنْ الدُّنْيَا وَمَا فِيهَا

उन्होंने हमें [मुहम्मद बिन यूसुफ] ने [सुफ़यान] से [अबू हाज़िम] से [साहल बिन सअद] से बताया; पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "बेशक, अल्लाह के रास्ते में सुबह या शाम बाकी दुनिया से बेहतर है।"