इमाम दरिमी : 1686
أَخْبَرَنَا أَبُو عَاصِمٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ رِفَاعَةَ عَنْ سُهَيْلٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَصُومُ يَوْمَ الِاثْنَيْنِ وَالْخَمِيسِ فَسَأَلْتُهُ فَقَالَ إِنَّ الْأَعْمَالَ تُعْرَضُ يَوْمَ الِاثْنَيْنِ وَالْخَمِيسِ
[अबू आशिम] ने हमें [मुहम्मद बिन रिफाआ] से [सुहैल] से [उनके पिता] से [अबू हुरैरा] से बताया कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सोमवार और गुरुवार को उपवास करते थे, इसलिए मैंने उनसे इसके बारे में पूछा, और उन्होंने उत्तर दिया: "वास्तव में, सोमवार और गुरुवार को कर्म प्रकट होते हैं।"
समर्थक हदीस :
इमाम अहमद : 5385, 20782, 20792, 20815, 21302, 23368, 23369, 23605, 25255, 25258, 25263, 25275, 25422, 26109
इमाम अबू दाऊद : 2095, 2096
इमाम तिर्मिदज़ी : 676, 678, 1946
इमाम नसाई : 2318, 2320, 2321, 2322, 2323, 2324, 2325, 2326, 2327, 2371, 2372, 2374, 2375, 2376
इमाम इब्नु माजा : 1729
इमाम दरिमी : 1685, 1686