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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Allah tidak menerima pelaku bid'ah; puasa, shalat, sedekah, haji, dia keluar dari islam

इमाम इब्नु माजा : 49

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ مَنْصُورٍ الْحَنَّاطُ عَنْ أَبِي زَيْدٍ عَنْ أَبِي الْمُغِيرَةِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَبَى اللَّهُ أَنْ يَقْبَلَ عَمَلَ صَاحِبِ بِدْعَةٍ حَتَّى يَدَعَ بِدْعَتَهُ

हमें बताया है [अब्दुल्ला बिन सईद] ने कहा, हमें बताया है [बिसिर बिन मंशूर अल हन्नाथ] ने [अबू ज़ैद] से [अबू अल मुगीरा] से [अब्दुल्ला बिन अब्बास] ने कहा; पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "अल्लाह एक विधर्मी के कामों को तब तक स्वीकार करने से हिचकिचाता है जब तक कि वह अपने विधर्म को छोड़ न दे।"

समर्थक हदीस :

इमाम इब्नु माजा : 48, 49