Rasulullah apabila sujud, beliau merenggangkan kedua lengan hingga terlihat kedua ketiak
इमाम नसाई : 1097
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ وَهُوَ ابْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْأَصَمِّ عَنْ عَمِّهِ يَزِيدَ وَهُوَ ابْنُ الْأَصَمِّ عَنْ مَيْمُونَةَأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا سَجَدَ جَافَى يَدَيْهِ حَتَّى لَوْ أَنَّ بَهْمَةً أَرَادَتْ أَنْ تَمُرَّ تَحْتَ يَدَيْهِ مَرَّتْ
उन्होंने हमें [कुतैबा] बताया; उन्होंने हमें [सुफ़यान] ने [उबैदिल्लाह बिन अब्दुल्लाह बिन अल अशाम] से उनके चाचा [यज़ीद बिन अल अशाम] से [मैमुना] से बताया है कि जब पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सजदा करते थे, तो अपनी कोहनी पेट से दूर कर लेते थे, ताकि अगर कोई (नवजात) बकरा उनके हाथों के नीचे से गुज़रना चाहे, तो वह निकल सके।